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मानव वास्तव में कौन कह ला सकता है!

मानव एक अनमोल जीवन है । मानव भगवान के स्वरुप के जैसा होता है मानव वह होता है जो सब का सम्मान कर सके मानव का मूल उद्देश्य क्या होता है जैसे मनुष्य जीवन एक अनमोल जीवन है इसमें सभी का आदर व सम्मान करना चाहिए जहां तक हो सके सभी को समानता से देखे किसी के साथ भेदभाव व छुआछूत ना रखें, किसी प्रकार का नशा ना करें ,किसी को भी अपशब्द ना बोले, यह मनुष्य के मूल सिद्धांत होते हैं फिर ज्ञान के आधार पर बात आती हैं तो मनुष्य जीवन 8400000 योनियों के भुगतने के बाद एक बार मिलता है यह मनुष्य जन्म कितना कीमती है इसका कोई अनुमान नहीं लगा सकता मनुष्य जीवन का मुख्य उद्देश्य पूर्ण परमात्मा की भक्ति करना। जो हमारे सद ग्रंथ यानी शास्त्रों गीता, वेद, पुराण, बाईबल, कुरान सरीफ, श्री गुरु ग्रंथ साहिब, कबीर सागर इत्यादि सभी शास्त्रों से प्रमाणित भक्ति हो। भक्ति करने से मनुष्य को सर्व सुख होते हैं तथा पूर्ण मोक्ष मिलता है इस समय शास्त्रों के अनुसार भक्ति केवल संत रामपाल जी महाराज ही बताते हैं उनसे नाम दीक्षा लेकर भक्ति करने से मनुष्य को सर्व सुख और पूर्ण मोक्ष मिलता है संत रामपाल जी महाराज कहते हैं । जीव हमारी जाति है,...
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Somvar2020 [Hindi]: क्या शिव पूजा से मोक्ष संभव है? जानिए Sawan Somvar 2020 के बारे में विस्तृत व वास्तविक जानकरी, जैसे क्या Om Namah Shivay या हर हर महादेव Mantra के जाप से मोक्ष संभव है?, क्या Vrat करना श्री भगवत गीता जी के अनुसार सही है या इससे मुक्ति संभव है? Sawan Somvar 2020 Hindi: आज पाठक गण जानेंगे सावन के पावन महीने या Sawan Ka Pahala Somvar के पूजा पाठ, कर्मकांड और तैयारियों के बारे में और जानेंगे सनातन संस्कृति में मास, तिथि, वार और यह महीना भोलेनाथ को समर्पित क्यों होता है? क्या क्या Om namah shivay से या हर हर महादेव से मुक्ति संभव है? Sawan Somvar 2020-मुख्य बिन्दु (Headlines) •हिन्दू पंचांग के अनुसार श्रावण मास पांचवा महीना होता है •संयोग से यह श्रावण महीना सोमवार से शुरू होकर सोमवार को ही समाप्त •6 जुलाई 2020 (पहला सोमवार) से लेकर 3 अगस्त 2020 (पाँचवा सोमवार) तक •हर सोमवार को शिवलिंग पर होगा जलाभिषेक और श्रद्धालु रखेंगे व्रत •देवी पार्वती ने इस महीने में की थी भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या •शिवजी ने सावन के महीने में ही किया था वि...

Special Diwali

#क्यों_और_कैसे_मनाते_हैं_दीवाली_का_त्यौहार ? दीवाली को त्यौहार रूप में कार्तिक माह की अमावस्या को मनाया जाता है। दीवाली से दो दिन पहले धनतेरस (लक्ष्मी पूजन) और दो दिन बाद भैया दूज (भाई बहन का एक-दूसरे के प्रति प्रेम प्रदर्शन) का दिन मनाया जाता है। इस वर्ष दीपावली 27 नवंबर, 2019 को मनाई जाएगी। #कार्तिक_अमावस्या #राम_जी इस दिन अपनी धर्मपत्नी सीता जी को बारह वर्ष रावण की कैद में रहने के बाद वापिस अयोध्या लेकर लौटे थे। लंकापति रावण ने सीता का अपहरण कर लिया था। राम जी ने हनुमान जी द्वारा संधि प्रस्ताव भेज कर सीता जी को लौटाने को कहा था परंतु दुष्ट रावण न माना। तब राम जी ने वानर सेना की मदद और मुनिंदर ऋषि जी के आशीर्वाद से रावण को युद्ध में मारकर सीता को जीता था। सीता को अयोध्या वापस लाने से पहले राम जी ने सीता की अग्निपरीक्षा ली थी जिसमें सीता जी पास हुई थीं। यह #त्रेतायुग की बात है जब राम जी सीता जी की परीक्षा लेकर अयोध्या लौटे थे तब तक वह दोनों चौदह बरस का वनवास भोग चुके थे। अयोध्या में उनके लौटने पर खुशी की लहर दौड़ पड़ी कि अयोध्या नगरी को अब उनका नरेश वापस मिलेगा। उनके घर लौटने...

Guru purnima

    Guru purnima गुरू पूर्णिमा : सद्गुरु सभी बंधनों से मुक्त कर देगा सात समुन्द्र की मसि करूं, लेखनि करूं बनिराय। धरती का कागद करूं, गुरु गुण लिखा न जाय सब पृथ्वी का कागज, सब जंगल की कलम, सातों समुद्रों को स्याही बनाकर लिखने पर भी गुरु के गुण नहीं लिखे जा सकते | गुरु के बिना जीवन अधूरा और दिशाहीन है। कभी सड़क पर रहने वाले उन बच्चों का जीवन देखिए जिनका कोई गुरू नहीं होता। उन्हें न तो शिक्षा मिलती है ना ही संस्कार। जिस तरह मां बाप के बिना बच्चा अनाथ होता है उसी तरह गुरु के बिना शिष्य। जैसे सूर्य अंधकार को चीरकर उजियारा कर देता है उसी समान गुरू दीपक की भांति शिष्य के जीवन को ज्ञान रूपी प्रकाश से भर देता है। धार्मिक और शैक्षणिक महत्व रखने वालेे गुरू पूर्णिमा के दिन का भारतीय शिक्षाविदों और विद्वानों के लिए बहुत महत्व है। यह दिन आषाढ़ (जून-जुलाई) में पूर्णिमा के दिन को मनाया जाता है । इसे त्योहार की तरह भारतीय उप-महाद्वीप में प्राचीन युग से मनाया जाता आ रहा है। आज 16 जुलाई को गुरू पूर्णिमा का यह दिन भारत के अधिकांश राज्यों और पड़ोसी देशों में गुरूओं क...

Hindu Gods

Lord Krishna ‘वासुदेव’ जो पूर्ण मोक्षदायक है हिन्दू धर्म के प्रमुख ईष्ट देव भगवान हैं श्री कृष्ण जी।प्रभुप्रेमियों के दिलों में श्रीकृष्ण जी का विशेष स्थान है। विष्णु जी के अवतार कृष्ण जी श्रावण माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मध्यरात्रि को अत्याचारी कंस का विनाश करने के लिए पृथ्वी पर अवतरित हुए थे। इसलिए इस दिन को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है। पूरे भारतवर्ष में आज 3 सितंबर को कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जा रही है। कोई कृष्ण को लल्ला, कान्हा, माखनचोर, सांवलिया, लड्डू गोपाल तो कोई कृष्णा कह कर प्रेम से पुकारता है। जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण की जन्म नगरी मथुरा भक्ति के रंगों में जीवंत हो जाती है। प्रत्येक त्योहार में लोकवेद की अहम भूमिका रही है। लोकवेद के अनुसार जन्माष्टमी में स्त्री-पुरुष बारह बजे तक व्रत रखते हैं। इस दिन मंदिरों में झांकियां सजाई जाती हैं और भगवान कृष्ण को झूला झुलाया जाता है। और रासलीला का आयोजन होता है। स्कन्द पुराण के मतानुसार जो भी व्यक्ति जानकर भी कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत नहीं करता, वह मनुष्य जंगल में सर्प और व्याघ्र होता है। भविष्य पुराण का वचन है...

बाईबल

" बाइबल " में मना है मांसाहार " नमस्कार दोस्तों मैं आज आपके साथ बाइबल के कुछ पॉइंट साझा करना चाहता हूं जिसका प्रमाण है बाइबिल में, अवश्य पढ़ें। सृष्टि के रचयिता कबीर परमात्मा ऋग्वेद मण्डल नं 9 सूक्त 54 मंत्र 3 में लिखा है कि सूर्य के समान यानि जैसे सूर्य ऊपर विद्यमान है ऐसे पवित्र शीतल अमर परमेश्वर कबीर विश्व के सर्व लोकों के ऊपर के लोक में बैठा है, जो सर्व सृष्टि का रचनहार है। 🌏सर्व सृष्टि रचनहार कबीर परमात्मा आदरणीय गरीब दास जी को कबीर परमात्मा मिले थे, उन्होंने अपनी वाणीयों में अनेकों प्रमाण दिए हैं कि कबीर जी ही पूर्ण परमात्मा हैं, जिसने सर्व सृष्टि की रचना की। "गरीब, जल थल पृथ्वी गगन में बाहर भीतर एक। पूर्ण ब्रह्म कबीर है, अविगत पुरुष अलेख।" 🌏श्री गुरु ग्रंथ साहिब पृष्ठ 839, महला 1, राग राग बिलावलु, अंश 1 में श्री नानक जी ने अपनी अमर वाणी में कहा है कि परमात्मा ने स्वयं ही अपने हाथों से सर्व सृष्टि की रचना की है। आपे सचु कीआ कर जोड़ि। अंडज फोड़ि जोडि विछोड़।। धरती आकाश कीए बैसण कउ थाउ। राति दिनंतु कीए भउ-भाउ।। 🌏वेदों अनुसार सर्व सृष्टि रचन...

Kabir is God

#Miracles_Of_GodKabir #4DaysLeft_KabirPrakatDiwas सिकंदर लोधी बादशाह के जलन का असाध्य रोग ठीक करना" कबीर परमेश्वर जी ने दिल्ली के बादशाह सिकंदर लोधी के जलन का असाध्य रोग आशीर्वाद मात्र से ठीक कर दिया। वह रोग जो किसी काजी, मुल्ला के जंत्र-मंत्र से भी ठीक नहीं हुआ था। "5 जून कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस"