मानव एक अनमोल जीवन है । मानव भगवान के स्वरुप के जैसा होता है मानव वह होता है जो सब का सम्मान कर सके मानव का मूल उद्देश्य क्या होता है जैसे मनुष्य जीवन एक अनमोल जीवन है इसमें सभी का आदर व सम्मान करना चाहिए जहां तक हो सके सभी को समानता से देखे किसी के साथ भेदभाव व छुआछूत ना रखें, किसी प्रकार का नशा ना करें ,किसी को भी अपशब्द ना बोले, यह मनुष्य के मूल सिद्धांत होते हैं फिर ज्ञान के आधार पर बात आती हैं तो मनुष्य जीवन 8400000 योनियों के भुगतने के बाद एक बार मिलता है यह मनुष्य जन्म कितना कीमती है इसका कोई अनुमान नहीं लगा सकता मनुष्य जीवन का मुख्य उद्देश्य पूर्ण परमात्मा की भक्ति करना। जो हमारे सद ग्रंथ यानी शास्त्रों गीता, वेद, पुराण, बाईबल, कुरान सरीफ, श्री गुरु ग्रंथ साहिब, कबीर सागर इत्यादि सभी शास्त्रों से प्रमाणित भक्ति हो। भक्ति करने से मनुष्य को सर्व सुख होते हैं तथा पूर्ण मोक्ष मिलता है इस समय शास्त्रों के अनुसार भक्ति केवल संत रामपाल जी महाराज ही बताते हैं उनसे नाम दीक्षा लेकर भक्ति करने से मनुष्य को सर्व सुख और पूर्ण मोक्ष मिलता है संत रामपाल जी महाराज कहते हैं । जीव हमारी जाति है,...