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बाईबल

"बाइबल" में मना है मांसाहार"

नमस्कार दोस्तों मैं आज आपके साथ बाइबल के कुछ पॉइंट साझा करना चाहता हूं जिसका प्रमाण है बाइबिल में, अवश्य पढ़ें।

सृष्टि के रचयिता कबीर परमात्मा
ऋग्वेद मण्डल नं 9 सूक्त 54 मंत्र 3 में लिखा है कि सूर्य के समान यानि जैसे सूर्य ऊपर विद्यमान है ऐसे पवित्र शीतल अमर परमेश्वर कबीर विश्व के सर्व लोकों के ऊपर के लोक में बैठा है, जो सर्व सृष्टि का रचनहार है।

🌏सर्व सृष्टि रचनहार कबीर परमात्मा
आदरणीय गरीब दास जी को कबीर परमात्मा मिले थे, उन्होंने अपनी वाणीयों में अनेकों प्रमाण दिए हैं कि कबीर जी ही पूर्ण परमात्मा हैं, जिसने सर्व सृष्टि की रचना की।
"गरीब, जल थल पृथ्वी गगन में बाहर भीतर एक। पूर्ण ब्रह्म कबीर है, अविगत पुरुष अलेख।"

🌏श्री गुरु ग्रंथ साहिब पृष्ठ 839, महला 1, राग राग बिलावलु, अंश 1 में श्री नानक जी ने अपनी अमर वाणी में कहा है कि परमात्मा ने स्वयं ही अपने हाथों से सर्व सृष्टि की रचना की है।
आपे सचु कीआ कर जोड़ि। अंडज फोड़ि जोडि विछोड़।।
धरती आकाश कीए बैसण कउ थाउ। राति दिनंतु कीए भउ-भाउ।।

🌏वेदों अनुसार सर्व सृष्टि रचनहार कबीर परमात्मा हैं
ऋग्वेद मण्डल 10 सुक्त 90 मंत्र 3
इस मंत्र में बताया गया है कि वह पूर्ण ब्रह्म कविर्देव तो परब्रह्म से भी बड़ा है अर्थात् सर्वशक्तिमान है तथा सर्व ब्रह्मण्ड उसी के अंश मात्र पर ठहरे हैं।

🌏सर्व सृष्टि रचनहार कबीर परमात्मा
पवित्र बाइबल में उत्पत्ति ग्रंथ में पृष्ठ नं 2 अध्याय 1:20 व 2:5 में परमेश्वर ने कहा कि हम मनुष्य को अपने स्वरुप के अनुसार अपनी समानता में बनाएं। तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरुप के अनुसार उत्पन्न किया नर और नारी करके मनुष्यों की सृष्टि की।

🌏सर्व शक्तिमान कबीर परमात्मा
पवित्र बाइबल में भगवान का नाम कबीर है - अय्यूब 36:5(और्थोडौक्स यहूदी बाइबल - OJB)
यहां स्पष्ट है कि कबीर ही शक्तिशाली परमात्मा है। 
वही सर्व सृष्टि के रचनहार कुल मालिक हैं।

🌏कुरान के अनुसार कबीर परमात्मा ने ही सारी सृष्टि रची
हजरत मुहम्मद को कुरान शरीफ बोलने वाला प्रभु (अल्लाह) कह रहा है कि वह अल्लाहु अकबर कबीर वही है जिसने जमीन तथा आसमान के बीच में जो कुछ भी विद्यमान है सर्व सृष्टी की रचना छः दिन में की तथा सातवें दिन ऊपर अपने सत्यलोक में तख्त पर विराजमान हो(बैठ) गया। क़ुरान सूरह अल-फुरकान 25 आयत 59

🌏कबीर परमात्मा ने ही 6 दिन में सृष्टि रची
बाईबल उत्पत्ति ग्रंथ 1:26 - 2:3 में प्रमाण है कि कबीर परमेश्वर ने 6 दिन में सर्व सृष्टि रचकर सातवें दिन विश्राम किया तथा मनुष्यों की उत्पत्ति अपने स्वरुप के अनुसार की।

🌏सर्व ब्रह्मण्डों को रचने वाले कबीर परमात्मा
अथर्ववेद काण्ड नंबर 4 अनुवाद नं. 1 मंत्र 7
  में कबीर परमात्मा द्वारा की गई सृष्टि रचना का प्रमाण है:-
   भक्तों का वास्तविक साथी, विधिवत साधक को सतलोक ले जाने वाला, सर्व ब्रह्मांड की रचना करने वाला, काल की तरह धोखा न देने वाले आप कविर्देव हैं।

🌏सर्व का रचनहार, दयालु,  सर्व सुखदाई परमात्मा कबीर साहेब जी हैं।
श्री गुरु ग्रन्थ साहेब, पृष्ठ नं. 721, महला 1, राग तिलंग
आदरणीय नानक साहेब जी की वाणी में लिखा है कि :-
यक अर्ज गुफतम पेश तो दर गोश कून करतार। हक्का कबीर करीम तू बेएब परवरदिगार।।

🌏कबीर जी ही पूर्ण परमात्मा हैं व सर्व सृष्टि रचनहार हैं
संत दादू जी कहते हैं
जिन मोकू निज नाम दिया, सोई सतगुरु हमार।
दादू दूसरा कोई नहीं, कबीर सिरजनहार।।

🌏कबीर परमात्मा ही सृष्टि के रचयिता हैं
संख्या नंबर 920, सामवेद के उतार्चिक अध्याय 5, खंड 4, श्लोक 2
सर्व सृष्टि रचनहार, अविनाशी परमात्मा भक्त के पाप कर्मों को नष्ट करके पवित्र करने वाला स्वयं कबीर देव है।

🌏समर्थ परमात्मा कबीर
संत गरीबदास जी ने अपनी वाणी में बताया कि, 
सर्व सृष्टी के रचयिता सत कबीर यानि परमेश्वर कबीर जी ही हैं, जो सतलोक में रहते हैं।
ऐ स्वामी सृष्टा मैं, सृष्टी हमरे तीर, दास गरीब अधर बसू। अविगत सत कबीर।।

🌏"कबीर सागर" *अध्याय ज्ञानबोध खंड बोधसागर* के पृष्ठ 21 - 22 में धर्मदास जी को परमेश्वर कबीर साहेब ने अपने द्वारा रची सृष्टि की जानकारी दी है। जिसमें परमेश्वर कबीर जी ने ब्रह्म, दुर्गा, ब्रह्मा, विष्णु, शिव की उत्पत्ति की जानकारी दी है।

🌏"सृष्टि के उत्पत्ति कर्ता पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी" 
आदरणीय गरीबदास साहेब जी की अमृतवाणी में सृष्टी रचना का प्रमाण
आदि रमैणी (सद् ग्रन्थ पृष्ठ नं. 690 से 692 तक)
आदि रमैंणी अदली सारा। जा दिन होते धुंधुंकारा ।।
सतपुरुष कीन्हा प्रकाशा। हम होते तखत कबीर खवासा ।।
अर्थात पहले केवल अंधकार था तथा पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी सत्यलोक में तख्त पर विराजमान थे। हम वहाँ चाकर थे। परमात्मा ने ज्योति निरंजन को उत्पन्न किया। फिर उसके तप के प्रतिफल में इक्कीस ब्रह्मण्ड प्रदान किए। फिर माया (प्रकृति) की उत्पत्ति की।


✨कबीर परमेश्वर जी ने ही समशतरबेज़ का रूप बनाया था
संत गरीबदास जी ने अपनी वाणी में बताया है कि कबीर परमेश्वर जी ने समशतरबेज़ का वेश बनाकर सिमली तथा उसके भाई मंसूर को यथार्थ अध्यात्म ज्ञान समझाया था। उन्होंने ही अल खिद्र की लीला भी की थी।

✨पवित्र ग्रंथ बाईबल तथा पवित्र पुस्तक कुरान शरीफ़/मजीद का ज्ञान देने वाला एक ही अल्लाह है। 
कुरान शरीफ़ में उस अल्लाह ने कहा है कि मैंने ही दाऊद, मूसा तथा ईशा को क्रमशः तौरात, जबूर तथा इंजिल पुस्तकों का ज्ञान दिया था। कुरान का ज्ञान हज़रत मुहम्मद को दिया गया था।

✨मूसा के अल्लाह का ज्ञान अधूरा है जो अल-खिद्र (खिज्र) के ज्ञान के सामने कुछ भी नहीं है। उसी अल्लाह का दिया ज्ञान बाईबल तथा कुरान में है। 
अल-खिद्र नाम से लीला करने वाले स्वयं कबीर परमेश्वर हैं।

✨अल-खिद्र(कबीर परमेश्वर) के ज्ञान के सामने मूसा का ज्ञान कुछ नहीं
कुरान और बाईबल का ज्ञान देने वाला अल्लाह एक ही है, वह अपने भक्त मूसा से कहता है कि मैंने तेरे को जो ज्ञान (जबूर में) बताया है। यह ज्ञान अल-खिद्र(कबीर परमेश्वर) के ज्ञान के सामने कुछ मायने नहीं रखता।

✨हज़रत मूसा जी के अल्लाह का ज्ञान अधूरा है 
मूसा जी का अल्लाह स्वयं कहता है कि तेरा ज्ञान अल-खिद्र(अल्लाह कबीर) के ज्ञान के सामने कुछ भी नहीं है। उसी अल्लाह का दिया ज्ञान बाईबल तथा कुरान ग्रंथों में है।

✨अविनाशी अल्लाह
हजरत मुहम्मद अपने जीवन काल में जवानी और बुढ़ापे में अल-खिद्र(कबीर प्रभु) से दो बार मिले थे। लेकिन अल-खिद्र(कबीर प्रभु) की उम्र बिल्कुल नहीं बदली थी। इससे यह प्रमाणित होता है कि अल-खिद्र (कबीर जी) अविनाशी हैं।

✨अल्लाह कबीर ही अल-खिद्र हैं
"अल-खिद्र" को आज अलग अलग सभ्यताओं में विभिन्न नामों से जाना व पूजा जाता है। अल-खिद्र का 55 हदीसों में ज़िक्र मिलता है।

✨कबीर परमात्मा ही अल-खिद्र हैं
संत गरीबदास जी ने कहा है कि :-
गरीब अनंत कोटि अवतार हैं, नौ चितवैं बुद्धि नाश।
खालिक खेलै खलक में, छः ऋतु बारह मास।।
अर्थात् जिनको तत्वज्ञान नहीं है, वे केवल नौ अवतार मानते हैं और उसी कारण से उनको विष्णु के अवतार मानते हैं। परंतु सब लीला कबीर सत्यपुरूष ही करता है।

✨अल्लाह कबीर ही अल-खिद्र हैं
मुसलमानों का मानना है कि अल-खिद्र अमर है और आज भी धरती पर जीवित (जिंदा) है व मौजूद है और अल्लाह की राह पर जो उलझन में हैं उनका मार्ग दर्शन करता है। वास्तव में वे कबीर परमात्मा ही हैं जिन्होंने इसी तरह से नानक जी, दादू जी, गरीब दास व अन्य का मार्गदर्शन किया था।

✨अल-खिद्र(कबीर परमात्मा) कभी बूढ़े नहीं होते
अल-खिद्र (कबीर जिंदा पीर) मुहम्मद जी को उनके जीवन काल में दो बार मिले। पहले जवानी में फिर बुढापे में। अल-खिद्र की आयु बिल्कुल नहीं बदली थी। वह अमर परमात्मा हैं।

✨कबीर परमात्मा ही अनेक रूप बनाके भक्ति में आस्था बनाये रखते हैं। उन्होंने ही अल-खिद्र की लीला भी की।
आपत्ति के समय राम, कृष्ण की सहायता कबीर परमेश्वर जी ने गुप्त रूप से की थी। उनके साथ भी अवतार रूप में (मुनिन्द्र व करूणामय के रूप में) उपस्थित थे। उसके अनंत करोड़ अवतार हैं। वह दिन में सौ-सौ बार ऊपर अपने सतलोक में जाते हैं और सौ-सौ बार पुनः उतरकर आते हैं। (खालिक) परमात्मा तो (खलक) संसार में छः ऋतु बारह मास यानि सदा ही लीला करता है।

✨अल-खिद्र(खिज्र) स्वयं कबीर परमेश्वर ही हैं। 
वही जिंदा पीर रूप में मुस्लिम देशों में अपने सत्य ज्ञान का प्रचार किया करते थे। अल-खिद्र(कबीर परमात्मा) आज अलग-अलग सभ्यताओं में विभिन्न नामों से जाना व पूजा जाता है।

✨अल्लाह कबीर ही अल-खिद्र हैं
अल-खिद्र को जिंदा पीर भी कहा जाता है। मुस्लिम देशों में अल-खिद्र(कबीर प्रभु) की अनेकों यादगारें मौजूद हैं।

✨अल-खिद्र(कबीर प्रभु) को जिंदा पीर भी कहा जाता है। 
वह अविनाशी परमात्मा हैं। अनेकों रूप बनाकर कबीर परमात्मा ही सब लीला करते रहते हैं।

✨मूसा जी का अल्लाह किसी और बड़े अल्लाह की तरफ संकेत करता है
हजरत मूसा जी का अल्लाह मूसा को मूसा से अधिक (इल्म) ज्ञान वाले शख्स के पास जाने को कहता है जिसका नाम ‘‘अल-खिद्र’’( कबीर साहेब) है। {कुछ इस्लामिक पुस्तकों में खिज्र व खजीर भी अल-खिद्र का नाम लिखा है।

✨मुस्लिम विद्वानों का मानना है कि अल-खिद्र को कई लोगों के बीच में उसके नरम हाथों से पहचाना जा सकता है। 
परमेश्वर/अल्लाह/अल-खिद्र कबीर जी की वाणी है:-
हाड चाम लहू ना मोरे, जाने सतनाम उपासी ।
तारन तरन अभय पद(मोक्ष) दाता, मैं हूं कबीर अविनाशी ।।

✨कुरान ज्ञान दाता भी अल-खिद्र (कबीर अल्लाह) की शरण में जाने को कहता है
कुरान शरीफ सुरह-काफ 18 आयत 60-82 में प्रमाण है कि हजरत मूसा का अल्लाह, मूसा को उससे ज्यादा इल्म (सच्चा तत्वज्ञान) रखने वाले के पास भेजता है । जिसका नाम अल-खिद्र (कबीर जी) है।

✨अल-खिद्र यानि अल्लाह कबीर का सच्चा मंत्र कर्म का दंड भी मिटा सकता है
"अली" मुसलमान को भी अल-खिद्र मिले। उसको नाम दिया और कहा कि यह नाम (मंत्र) असंख्य पापों को भी समाप्त कर देगा।

✨अल-खिद्र(अल्लाह कबीर) के मंत्र की शक्ति
अली ने बदर युद्ध में जीतने के लिए अल-खिद्र(अल्लाह कबीर) से आशीर्वाद मांगा तो उन्होंने उसको एक शब्द बताया। उसका जाप करके अली ने युद्ध जीता जो मुहम्मद और विरोधियों के बीच में हुआ था। संत गरीबदास जी ने अपनी अमृतवाणी में कहा है कि ‘‘अली अल्लाह का शेर है। तलवार को ऊपर करे तो आसमान को छू जाए। यह सब कमाल परमात्मा के आशीर्वाद व बताए मंत्र की शक्ति का था। आज वही शक्तिशाली मंत्र बाख़बर पूर्ण संत रामपाल जी महाराज बता रहे हैं जिससे जन्म मरण का रोग समाप्त होता है और यहां का सुख भी प्राप्त होता है।

✨अल-खिद्र नाम से लीला करने वाला स्वयं कबीर परमेश्वर है। 
अल-खिद्र (कबीर जी) एक हैसूर लड़के को मार देते हैं, मूसा उसको गलत मानता है। घटिया कर्म बताता है। बाद में अल-खिद्र स्पष्ट करता है कि इस लड़के के माता-पिता परमात्मा के परम भक्त हैं। यह लड़का आगे चलकर उनकी भक्ति में बाधा करता। इसलिए इसे मारा है। अब अल्लाह उनको नेक पुत्र देगा जो
उनकी भक्ति में बाधक नहीं होगा।

ऐसे ही एक दीवार के नीचे खजाना होना बताया गया है। भक्त/भक्तमति अचानक मर गए थे। परमात्मा ने उनके (यतीम) अनाथ बच्चों के लिए खजाना सुरक्षित किया। बडे़ होने पर वे उसको प्राप्त करके सुखी जीवन जीयेंगे। वह खजाना भी उनको परमात्मा कबीर जी बताता है। जैसे तैमूरलंग को बताया। सम्मन, सेऊ को बताया था।

नमस्कार दोस्तों मैं आज आपके साथ बाइबल के बारे में कुछ जानकारी शेयर करना चाहता हूं प्लीज इसको गौर से पढ़ें:-

  सृष्टि के रचयिता कबीर परमात्मा
ऋग्वेद मण्डल नं 9 सूक्त 54 मंत्र 3 में लिखा है कि सूर्य के समान यानि जैसे सूर्य ऊपर विद्यमान है ऐसे पवित्र शीतल अमर परमेश्वर कबीर विश्व के सर्व लोकों के ऊपर के लोक में बैठा है, जो सर्व सृष्टि का रचनहार है।

🌏सर्व सृष्टि रचनहार कबीर परमात्मा
आदरणीय गरीब दास जी को कबीर परमात्मा मिले थे, उन्होंने अपनी वाणीयों में अनेकों प्रमाण दिए हैं कि कबीर जी ही पूर्ण परमात्मा हैं, जिसने सर्व सृष्टि की रचना की।
"गरीब, जल थल पृथ्वी गगन में बाहर भीतर एक। पूर्ण ब्रह्म कबीर है, अविगत पुरुष अलेख।"

🌏श्री गुरु ग्रंथ साहिब पृष्ठ 839, महला 1, राग राग बिलावलु, अंश 1 में श्री नानक जी ने अपनी अमर वाणी में कहा है कि परमात्मा ने स्वयं ही अपने हाथों से सर्व सृष्टि की रचना की है।
आपे सचु कीआ कर जोड़ि। अंडज फोड़ि जोडि विछोड़।।
धरती आकाश कीए बैसण कउ थाउ। राति दिनंतु कीए भउ-भाउ।।

🌏वेदों अनुसार सर्व सृष्टि रचनहार कबीर परमात्मा हैं
ऋग्वेद मण्डल 10 सुक्त 90 मंत्र 3
इस मंत्र में बताया गया है कि वह पूर्ण ब्रह्म कविर्देव तो परब्रह्म से भी बड़ा है अर्थात् सर्वशक्तिमान है तथा सर्व ब्रह्मण्ड उसी के अंश मात्र पर ठहरे हैं।

🌏सर्व सृष्टि रचनहार कबीर परमात्मा
पवित्र बाइबल में उत्पत्ति ग्रंथ में पृष्ठ नं 2 अध्याय 1:20 व 2:5 में परमेश्वर ने कहा कि हम मनुष्य को अपने स्वरुप के अनुसार अपनी समानता में बनाएं। तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरुप के अनुसार उत्पन्न किया नर और नारी करके मनुष्यों की सृष्टि की।

🌏सर्व शक्तिमान कबीर परमात्मा
पवित्र बाइबल में भगवान का नाम कबीर है - अय्यूब 36:5(और्थोडौक्स यहूदी बाइबल - OJB)
यहां स्पष्ट है कि कबीर ही शक्तिशाली परमात्मा है। 
वही सर्व सृष्टि के रचनहार कुल मालिक हैं।

🌏कुरान के अनुसार कबीर परमात्मा ने ही सारी सृष्टि रची
हजरत मुहम्मद को कुरान शरीफ बोलने वाला प्रभु (अल्लाह) कह रहा है कि वह अल्लाहु अकबर कबीर वही है जिसने जमीन तथा आसमान के बीच में जो कुछ भी विद्यमान है सर्व सृष्टी की रचना छः दिन में की तथा सातवें दिन ऊपर अपने सत्यलोक में तख्त पर विराजमान हो(बैठ) गया। क़ुरान सूरह अल-फुरकान 25 आयत 59

🌏कबीर परमात्मा ने ही 6 दिन में सृष्टि रची
बाईबल उत्पत्ति ग्रंथ 1:26 - 2:3 में प्रमाण है कि कबीर परमेश्वर ने 6 दिन में सर्व सृष्टि रचकर सातवें दिन विश्राम किया तथा मनुष्यों की उत्पत्ति अपने स्वरुप के अनुसार की।

🌏सर्व ब्रह्मण्डों को रचने वाले कबीर परमात्मा
अथर्ववेद काण्ड नंबर 4 अनुवाद नं. 1 मंत्र 7
  में कबीर परमात्मा द्वारा की गई सृष्टि रचना का प्रमाण है:-
   भक्तों का वास्तविक साथी, विधिवत साधक को सतलोक ले जाने वाला, सर्व ब्रह्मांड की रचना करने वाला, काल की तरह धोखा न देने वाले आप कविर्देव हैं।

🌏सर्व का रचनहार, दयालु,  सर्व सुखदाई परमात्मा कबीर साहेब जी हैं।
श्री गुरु ग्रन्थ साहेब, पृष्ठ नं. 721, महला 1, राग तिलंग
आदरणीय नानक साहेब जी की वाणी में लिखा है कि :-
यक अर्ज गुफतम पेश तो दर गोश कून करतार। हक्का कबीर करीम तू बेएब परवरदिगार।।

🌏कबीर जी ही पूर्ण परमात्मा हैं व सर्व सृष्टि रचनहार हैं
संत दादू जी कहते हैं
जिन मोकू निज नाम दिया, सोई सतगुरु हमार।
दादू दूसरा कोई नहीं, कबीर सिरजनहार।।

🌏कबीर परमात्मा ही सृष्टि के रचयिता हैं
संख्या नंबर 920, सामवेद के उतार्चिक अध्याय 5, खंड 4, श्लोक 2
सर्व सृष्टि रचनहार, अविनाशी परमात्मा भक्त के पाप कर्मों को नष्ट करके पवित्र करने वाला स्वयं कबीर देव है।

🌏समर्थ परमात्मा कबीर
संत गरीबदास जी ने अपनी वाणी में बताया कि, 
सर्व सृष्टी के रचयिता सत कबीर यानि परमेश्वर कबीर जी ही हैं, जो सतलोक में रहते हैं।
ऐ स्वामी सृष्टा मैं, सृष्टी हमरे तीर, दास गरीब अधर बसू। अविगत सत कबीर।।

🌏"कबीर सागर" *अध्याय ज्ञानबोध खंड बोधसागर* के पृष्ठ 21 - 22 में धर्मदास जी को परमेश्वर कबीर साहेब ने अपने द्वारा रची सृष्टि की जानकारी दी है। जिसमें परमेश्वर कबीर जी ने ब्रह्म, दुर्गा, ब्रह्मा, विष्णु, शिव की उत्पत्ति की जानकारी दी है।

🌏"सृष्टि के उत्पत्ति कर्ता पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी" 
आदरणीय गरीबदास साहेब जी की अमृतवाणी में सृष्टी रचना का प्रमाण
आदि रमैणी (सद् ग्रन्थ पृष्ठ नं. 690 से 692 तक)
आदि रमैंणी अदली सारा। जा दिन होते धुंधुंकारा ।।
सतपुरुष कीन्हा प्रकाशा। हम होते तखत कबीर खवासा ।।
अर्थात पहले केवल अंधकार था तथा पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी सत्यलोक में तख्त पर विराजमान थे। हम वहाँ चाकर थे। परमात्मा ने ज्योति निरंजन को उत्पन्न किया। फिर उसके तप के प्रतिफल में इक्कीस ब्रह्मण्ड प्रदान किए। फिर माया (प्रकृति) की उत्पत्ति की।


✨कबीर परमेश्वर जी ने ही समशतरबेज़ का रूप बनाया था
संत गरीबदास जी ने अपनी वाणी में बताया है कि कबीर परमेश्वर जी ने समशतरबेज़ का वेश बनाकर सिमली तथा उसके भाई मंसूर को यथार्थ अध्यात्म ज्ञान समझाया था। उन्होंने ही अल खिद्र की लीला भी की थी।

✨पवित्र ग्रंथ बाईबल तथा पवित्र पुस्तक कुरान शरीफ़/मजीद का ज्ञान देने वाला एक ही अल्लाह है। 
कुरान शरीफ़ में उस अल्लाह ने कहा है कि मैंने ही दाऊद, मूसा तथा ईशा को क्रमशः तौरात, जबूर तथा इंजिल पुस्तकों का ज्ञान दिया था। कुरान का ज्ञान हज़रत मुहम्मद को दिया गया था।

✨मूसा के अल्लाह का ज्ञान अधूरा है जो अल-खिद्र (खिज्र) के ज्ञान के सामने कुछ भी नहीं है। उसी अल्लाह का दिया ज्ञान बाईबल तथा कुरान में है। 
अल-खिद्र नाम से लीला करने वाले स्वयं कबीर परमेश्वर हैं।

✨अल-खिद्र(कबीर परमेश्वर) के ज्ञान के सामने मूसा का ज्ञान कुछ नहीं
कुरान और बाईबल का ज्ञान देने वाला अल्लाह एक ही है, वह अपने भक्त मूसा से कहता है कि मैंने तेरे को जो ज्ञान (जबूर में) बताया है। यह ज्ञान अल-खिद्र(कबीर परमेश्वर) के ज्ञान के सामने कुछ मायने नहीं रखता।

✨हज़रत मूसा जी के अल्लाह का ज्ञान अधूरा है 
मूसा जी का अल्लाह स्वयं कहता है कि तेरा ज्ञान अल-खिद्र(अल्लाह कबीर) के ज्ञान के सामने कुछ भी नहीं है। उसी अल्लाह का दिया ज्ञान बाईबल तथा कुरान ग्रंथों में है।

✨अविनाशी अल्लाह
हजरत मुहम्मद अपने जीवन काल में जवानी और बुढ़ापे में अल-खिद्र(कबीर प्रभु) से दो बार मिले थे। लेकिन अल-खिद्र(कबीर प्रभु) की उम्र बिल्कुल नहीं बदली थी। इससे यह प्रमाणित होता है कि अल-खिद्र (कबीर जी) अविनाशी हैं।

✨अल्लाह कबीर ही अल-खिद्र हैं
"अल-खिद्र" को आज अलग अलग सभ्यताओं में विभिन्न नामों से जाना व पूजा जाता है। अल-खिद्र का 55 हदीसों में ज़िक्र मिलता है।

✨कबीर परमात्मा ही अल-खिद्र हैं
संत गरीबदास जी ने कहा है कि :-
गरीब अनंत कोटि अवतार हैं, नौ चितवैं बुद्धि नाश।
खालिक खेलै खलक में, छः ऋतु बारह मास।।
अर्थात् जिनको तत्वज्ञान नहीं है, वे केवल नौ अवतार मानते हैं और उसी कारण से उनको विष्णु के अवतार मानते हैं। परंतु सब लीला कबीर सत्यपुरूष ही करता है।

✨अल्लाह कबीर ही अल-खिद्र हैं
मुसलमानों का मानना है कि अल-खिद्र अमर है और आज भी धरती पर जीवित (जिंदा) है व मौजूद है और अल्लाह की राह पर जो उलझन में हैं उनका मार्ग दर्शन करता है। वास्तव में वे कबीर परमात्मा ही हैं जिन्होंने इसी तरह से नानक जी, दादू जी, गरीब दास व अन्य का मार्गदर्शन किया था।

✨अल-खिद्र(कबीर परमात्मा) कभी बूढ़े नहीं होते
अल-खिद्र (कबीर जिंदा पीर) मुहम्मद जी को उनके जीवन काल में दो बार मिले। पहले जवानी में फिर बुढापे में। अल-खिद्र की आयु बिल्कुल नहीं बदली थी। वह अमर परमात्मा हैं।

✨कबीर परमात्मा ही अनेक रूप बनाके भक्ति में आस्था बनाये रखते हैं। उन्होंने ही अल-खिद्र की लीला भी की।
आपत्ति के समय राम, कृष्ण की सहायता कबीर परमेश्वर जी ने गुप्त रूप से की थी। उनके साथ भी अवतार रूप में (मुनिन्द्र व करूणामय के रूप में) उपस्थित थे। उसके अनंत करोड़ अवतार हैं। वह दिन में सौ-सौ बार ऊपर अपने सतलोक में जाते हैं और सौ-सौ बार पुनः उतरकर आते हैं। (खालिक) परमात्मा तो (खलक) संसार में छः ऋतु बारह मास यानि सदा ही लीला करता है।

✨अल-खिद्र(खिज्र) स्वयं कबीर परमेश्वर ही हैं। 
वही जिंदा पीर रूप में मुस्लिम देशों में अपने सत्य ज्ञान का प्रचार किया करते थे। अल-खिद्र(कबीर परमात्मा) आज अलग-अलग सभ्यताओं में विभिन्न नामों से जाना व पूजा जाता है।

✨अल्लाह कबीर ही अल-खिद्र हैं
अल-खिद्र को जिंदा पीर भी कहा जाता है। मुस्लिम देशों में अल-खिद्र(कबीर प्रभु) की अनेकों यादगारें मौजूद हैं।

✨अल-खिद्र(कबीर प्रभु) को जिंदा पीर भी कहा जाता है। 
वह अविनाशी परमात्मा हैं। अनेकों रूप बनाकर कबीर परमात्मा ही सब लीला करते रहते हैं।

✨मूसा जी का अल्लाह किसी और बड़े अल्लाह की तरफ संकेत करता है
हजरत मूसा जी का अल्लाह मूसा को मूसा से अधिक (इल्म) ज्ञान वाले शख्स के पास जाने को कहता है जिसका नाम ‘‘अल-खिद्र’’( कबीर साहेब) है। {कुछ इस्लामिक पुस्तकों में खिज्र व खजीर भी अल-खिद्र का नाम लिखा है।

✨मुस्लिम विद्वानों का मानना है कि अल-खिद्र को कई लोगों के बीच में उसके नरम हाथों से पहचाना जा सकता है। 
परमेश्वर/अल्लाह/अल-खिद्र कबीर जी की वाणी है:-
हाड चाम लहू ना मोरे, जाने सतनाम उपासी ।
तारन तरन अभय पद(मोक्ष) दाता, मैं हूं कबीर अविनाशी ।।

✨कुरान ज्ञान दाता भी अल-खिद्र (कबीर अल्लाह) की शरण में जाने को कहता है
कुरान शरीफ सुरह-काफ 18 आयत 60-82 में प्रमाण है कि हजरत मूसा का अल्लाह, मूसा को उससे ज्यादा इल्म (सच्चा तत्वज्ञान) रखने वाले के पास भेजता है । जिसका नाम अल-खिद्र (कबीर जी) है।

✨अल-खिद्र यानि अल्लाह कबीर का सच्चा मंत्र कर्म का दंड भी मिटा सकता है
"अली" मुसलमान को भी अल-खिद्र मिले। उसको नाम दिया और कहा कि यह नाम (मंत्र) असंख्य पापों को भी समाप्त कर देगा।

✨अल-खिद्र(अल्लाह कबीर) के मंत्र की शक्ति
अली ने बदर युद्ध में जीतने के लिए अल-खिद्र(अल्लाह कबीर) से आशीर्वाद मांगा तो उन्होंने उसको एक शब्द बताया। उसका जाप करके अली ने युद्ध जीता जो मुहम्मद और विरोधियों के बीच में हुआ था। संत गरीबदास जी ने अपनी अमृतवाणी में कहा है कि ‘‘अली अल्लाह का शेर है। तलवार को ऊपर करे तो आसमान को छू जाए। यह सब कमाल परमात्मा के आशीर्वाद व बताए मंत्र की शक्ति का था। आज वही शक्तिशाली मंत्र बाख़बर पूर्ण संत रामपाल जी महाराज बता रहे हैं जिससे जन्म मरण का रोग समाप्त होता है और यहां का सुख भी प्राप्त होता है।

✨अल-खिद्र नाम से लीला करने वाला स्वयं कबीर परमेश्वर है। 
अल-खिद्र (कबीर जी) एक हैसूर लड़के को मार देते हैं, मूसा उसको गलत मानता है। घटिया कर्म बताता है। बाद में अल-खिद्र स्पष्ट करता है कि इस लड़के के माता-पिता परमात्मा के परम भक्त हैं। यह लड़का आगे चलकर उनकी भक्ति में बाधा करता। इसलिए इसे मारा है। अब अल्लाह उनको नेक पुत्र देगा जो
उनकी भक्ति में बाधक नहीं होगा।

ऐसे ही एक दीवार के नीचे खजाना होना बताया गया है। भक्त/भक्तमति अचानक मर गए थे। परमात्मा ने उनके (यतीम) अनाथ बच्चों के लिए खजाना सुरक्षित किया। बडे़ होने पर वे उसको प्राप्त करके सुखी जीवन जीयेंगे। वह खजाना भी उनको परमात्मा कबीर जी बताता है। जैसे तैमूरलंग को बताया। सम्मन, सेऊ को बताया था।


               :-संत रामपाल जी महाराज


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